नमूना सत्संगलगभग १० मिनट
आवाहन
आइए। पलकें धीरे-से मुँद जाने दीजिए।
मंदिर के सामने बैठे हों, तो एक क्षण लौ को देख लीजिए — फिर पलकें बंद।
मौन गड़बड़ी नहीं है — यही शिखर है।