आज का सत्संगरोज़ दस मिनट का सत्संग।

 

आज का सत्संग

 

आज का सत्संग प्रवेश के बाद खुलता है — एक ईमेल, कोई पासवर्ड नहीं।

सुबह की रोशनी में पत्थर के मंदिर में पीतल का दीयामंदिर में जलता हुआ पीतल का दीया और पानी में उसकी झलक

नमूना · तत् सत् · लगभग १० मिनट

ॐ तत् सत् — जो कमी रह जाए, नाम उसे थाम लेता है

“जब भी लगे कि कुछ कम रह गया — एक साँस, और हाथ जोड़ लूँ।”

नमूना सत्संगलगभग १० मिनट · स्वर हिन्दी में

दस मिनट पर सत्संग पूर्ण होता है — आगे कुछ नहीं चलता।

आज का सत्संग · तत्सत्