यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन ४

खुली हथेली

खुली हथेली — सुख माँगना नहीं पड़ता, रखा जाता है

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

मंगलवार, २९ सितंबर

कृष्ण तृतीया

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स्रोत

प्रशान्तमनसं ह्येनंयोगिनं सुखमुत्तमम्।उपैति शान्तरजसंब्रह्मभूतमकल्मषम्॥
दिन ४ · खुली हथेली · तत्सत्