यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन १४

हर तरफ़ से प्रणाम

हर तरफ़ से प्रणाम — अर्जुन भगवान से कहते हैं, आप हर तरफ़ हैं

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

मंगलवार, २९ सितंबर

कृष्ण तृतीया

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स्रोत

नमः पुरस्तादथ पृष्ठतस्तेनमोऽस्तु ते सर्वत एव सर्व।अनन्तवीर्यामितविक्रमस्त्वंसर्वं समाप्नोषि ततोऽसि सर्वः॥
दिन १४ · हर तरफ़ से प्रणाम · तत्सत्