यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नवरात्रि · दिन ४

कूष्माण्डा

Kūṣmāṇḍā · Whose smile brought forth the worlds

भीतर का तेज — सबसे कोमल, सबसे सृजनशील

बुधवार, १४ अक्टूबर

चतुर्थी

अपनी तिथि पर

बुधवार, १४ अक्टूबर · चतुर्थी

आज के सत्संग पर लौटें

स्रोत

सप्तशती ५.१७–१९ · गीता १५.१२

दिन ४ · कूष्माण्डा · तत्सत्