यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन ३

धीरे-धीरे

धीरे-धीरे — जल्दी में मन बैठता नहीं, धैर्य में बैठ जाता है

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

सोमवार, २८ सितंबर

कृष्ण द्वितीया

यह सत्संग सोमवार, २८ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।

स्रोत

शनैः शनैरुपरमेद्बुद्ध्या धृतिगृहीतया।आत्मसंस्थं मनः कृत्वान किञ्चिदपि चिन्तयेत्॥
दिन ३ · धीरे-धीरे · तत्सत्