यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन १

स्थिरता

स्थिरता — जो थिरता पहले से भीतर है

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

बुधवार, १६ सितंबर

शुक्ल पञ्चमी

यह सत्संग बुधवार, १६ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।

स्रोत

यथा दीपो निवातस्थोनेङ्गते सोपमा स्मृता।योगिनो यतचित्तस्ययुञ्जतो योगमात्मनः॥
दिन १ · स्थिरता · तत्सत्