यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन १०

कंधे ढीले

कंधे ढीले — भगवान सब जीवों के सुहृद हैं, जो बिना कहे भला चाहते हैं

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

शुक्रवार, २५ सितंबर

शुक्ल चतुर्दशी

यह सत्संग शुक्रवार, २५ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।

स्रोत

भोक्तारं यज्ञतपसांसर्वलोकमहेश्वरम्।सुहृदं सर्वभूतानांज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति॥
दिन १० · कंधे ढीले · तत्सत्