यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन ११

हथेलियाँ आमने-सामने

हथेलियाँ आमने-सामने — भगवान कहते हैं, जो मुझे भक्ति से भजते हैं, वे मुझमें हैं, और मैं उनमें

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

शनिवार, २६ सितंबर

पूर्णिमा

यह सत्संग शनिवार, २६ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।

स्रोत

समोऽहं सर्वभूतेषुन मे द्वेष्योऽस्ति न प्रियः।ये भजन्ति तु मां भक्त्यामयि ते तेषु चाप्यहम्॥
दिन ११ · हथेलियाँ आमने-सामने · तत्सत्