नित्य · दिन २
लौटना
लौटना — मन जहाँ भी जाए, वहीं से घर लौट आए
नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
गुरुवार, १७ सितंबर
शुक्ल षष्ठी
यह सत्संग गुरुवार, १७ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।
नित्य · दिन २
लौटना — मन जहाँ भी जाए, वहीं से घर लौट आए
नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
शुक्ल षष्ठी
यह सत्संग गुरुवार, १७ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।