यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन २

लौटना

लौटना — मन जहाँ भी जाए, वहीं से घर लौट आए

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

गुरुवार, १७ सितंबर

शुक्ल षष्ठी

यह सत्संग गुरुवार, १७ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।

स्रोत

यतो यतो निश्चरतिमनश्चञ्चलमस्थिरम्।ततस्ततो नियम्यैतद्आत्मन्येव वशं नयेत्॥
दिन २ · लौटना · तत्सत्