नित्य · दिन ४
खुली हथेली
खुली हथेली — सुख माँगना नहीं पड़ता, रखा जाता है
नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
शनिवार, १९ सितंबर
शुक्ल अष्टमी
यह सत्संग शनिवार, १९ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।
नित्य · दिन ४
खुली हथेली — सुख माँगना नहीं पड़ता, रखा जाता है
नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
शुक्ल अष्टमी
यह सत्संग शनिवार, १९ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।