यात्रारोज़ दस मिनट का सत्संग।

नित्य · दिन ६

अपने जैसा

अपने जैसा — जो सबका सुख-दुख अपने जैसा ही देखे, वही परम योगी माना गया है

नाम-स्मरण · ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

सोमवार, २१ सितंबर

शुक्ल दशमी

यह सत्संग सोमवार, २१ सितंबर का था। इसका श्लोक, सूत्र और स्मरण-पत्र यहाँ बने रहते हैं।

स्रोत

आत्मौपम्येन सर्वत्रसमं पश्यति योऽर्जुन।सुखं वा यदि वा दुःखंस योगी परमो मतः॥
दिन ६ · अपने जैसा · तत्सत्