Cited, never invented.
सभी श्लोक
तत्सत् के सत्संगों में आए श्लोक — गीता और दुर्गा सप्तशती से; मूल पाठ और उसका लिप्यंतरण।
सत्संग की हर बात के पीछे अध्याय और श्लोक है — छूकर मूल पाठ और लिप्यन्तरण देखें, और जहाँ अर्थ परखा जा चुका है, हमारे शब्द भी। हम मूल का ही उद्धरण देते हैं, किसी टीका का नहीं।
तत्सत् का भक्ति-सत्संग कैसे बनता हैगीता १.३
पश्यैतां पाण्डुपुत्राणाम्आचार्य महतीं चमूम्।व्यूढां द्रुपदपुत्रेणतव शिष्येण धीमता॥॥ १.३ ॥
paśyaitāṁ pāṇḍu-putrāṇām ācārya mahatīṁ camūm / vyūḍhāṁ drupada-putreṇa tava śiṣyeṇa dhīmatā